हमारी अधूरी कहानी



प्यार :- ढाई आखर प्रेम का ,ये ही अक्षर है जिससे समस्त संसार चल रहा है। प्यार शब्द है तो बहुत छोटा लेकिन इसको समझने में लोगो की जिंदगी निकल जाती है ।किसी महापुरुष ने सही कहा है "GOD IS LOVE ,LOVE IS GOD", जैसे परमात्मा को पाने और समझने में इंसान की जिंदगी निकल जाती है ऐसे ही प्यार को समझने में इंसान की जिंदगी, लेकिन कुछ खुशनसीब होते है जिन्हे सच्चा प्यार नसीब होता है ।और वह उस प्यार को महान बना देते है।जैसे "लेला मंजनू💑". आज भी लोग की जुबान यदि प्यार का नाम आता है तो लोग इनको जरूर याद करते है । मैंने ने भी इन प्यार के परिंदो के बारे में पढ़ा था सुना था । अब में बताता हूं आपको अपनी अधूरी कहानी जो मेरे लिए आज भी मेरी सांस में, मेरे जुनून में, मेरी खून में, मेरी रूह के एहसास में, जिंदा है, बात उस समय की जब  11th में पढ़ता था । और मेरी उम्र यही कही 14-15 की होंगी। तब जिंदगी में पहली बार  मेरे दिल और मेरी रूह ने एक ऐसा अजीब एहसास महसूस किया। जो मैंने कभी नहीं किया था। जब मैंने पहली बार अंजलि (मेरा पहला प्यार और आखिरी ) 👧को अपने स्कूल 🏬में देखा था। वो आपने दादा जी👴 के साथ अपना एडमिशन करवाने के लिए आई थी, अंजलि👧 को पहली बार जब मैंने  देखा तो मेरा शरीर यहां तक की मेरी रूह भी मेरे बस में नहीं थी, एक अजीब सा एहसास था उसको देखने के बाद , में जब जब उसको देखता था मेरे दिल💓 की धड़कन अचानक तेज हो जाती थी। और लगता था मेरा शरीर अब मेरे बस में नहीं है । मेरे कॉलेज में लड़कियां👭का एक अलग कमरा 🏢हुआ करता था जो हमारे प्रधानाचार्या जी👵 के कमरे के ठीक सामने था , जिसमें स्कूल 🏬की सभी लड़कियां बैठने की व्यवस्था थी , क्योकिं कॉलेज में कम लड़कियां 👭होने के कारण सभी लड़कियों को एक बड़ा कमरा दिया हुआ था , कॉलेज के हर लड़के का उस कमरे के पास से होकर जाना एक सपना जैसा लगता था । मेरा बचपन से ही गुरु जन से बहुत लगाव रहा है । ऐसा क्यों था ये तो में नहीं जानता लेकिन शायद ये संस्कार हो या भगवान की दया महर।  गुरु की बात मेरे लिए पत्थर की लकीर हुआ करती थी । अगर गुरु जनों का कोई भी हुकुम जब तक पूरा नहीं होता थे मुझे ना खाना अच्छा लगता था ना पानी, मेरे व्यवहार के चलते पूरे कॉलेज में मुझे सभी जगह घूमने की ओर कही भी बैठकर पड़ने की अनुमति थी, मैं अक्सर अपना  खाली समय अपने प्रधानाचार्या जी 👵के साथ बिताया करता था। तब में अंजलि👧 को अक्सर देखा करता था, बो भी मुझे देखा करती थी। कभी कभी हम एक दूसरे को देखने में इतना मग्न हो जाया करते थे कि कई बार मेरी प्रधानाध्यापक जी👵 ने हमारा ध्यान हटाया था। फिर बो बस एक  ही बात बोला करती थी ,के अभी आप का सिर्फ पढ़ने का समय है, वो जानती थी के इन लोगो का प्यार गलत नहीं है ।उन्होंने  मुझे कभी नहीं डांटा , क्योंकि उन्होंने खुद love marriage की थी। वो मुझे हमेशा कहती थी प्यार एक आराधना है ।कभी किसी का दिल मत दुखाना। कभी जब हमारी प्रधानाध्यापक 👵का मिज़ाज ठीक लगता था मैं उनसे उनकी love life 💖की बारे के पूछता था । वो पहले हस्ती थी फिर मुझे बताती थी , अपने past के बारे में , वो ज्यादा कुछ नहीं बस कहती थी  के प्यार आराधना है ।जैसे हम भगवान की पूजा करते है एक विश्वास के साथ ऐसे ही, प्यार भी एक विश्वास के साथ होता है। फिर वो वही बात  बोला करती थी के कभी किसी का दिल। मत दुखाना।
मैं 🧑और अंजलि 👧हमेशा एक दूसरे को बस देखते रहते थे, लेकिन कभी ना एक शब्द वो बोली ना मैं बोला , बस आंखो ही आंखो 👁️👁️में इशारा हो गया , हम एक दूसरे के जज्बातों को समझते थे ।इसी तरह एक दूसरे को देखते हुए हमारी school time पूरी हो गई । School पूरा होने के बाद हमारा कभी एक दूसरे से सामना नहीं हुआ । मैंने उसको बहुत ढूंढा , लेकिन मैं कभी अंजलि से नहीं मिल पाया। फिर एक दिन मेरी प्रधानाध्यापक जी 👵से मुलाकात हुई , तब उन्होंने जानबूझ कर मुझसे मेरे 🧑और अंजलि 👧के बारे में पूछा के क्या चल रहा है, तब मेरी आंखे😭 नम थी ,मेरा गला भर गया था , मेरी आवाज़ नहीं निकल रही थी, और मेरा मेरा रोना शुरू हो गया था , तब उन्होंने कहा लगता है के तुम असलियत जानते हो , तभी मैंने कहा कौन सी आसलियात , उन्होंने कहा कुछ नहीं , मैंने फिर पूछा उन्होंने बार बार माना किया कुछ नहीं लेकिन फिर उन्होंने कहा कि अंजलि अब इस दुनिया में नहीं रही , ये शब्द जब  मेरे कानो में पहुंचे,ये पल मेरे  लिए क़यामत से भी ज्यादा था, मानो मेरा सब कुछ लूट गया हो , एक पल लगा के अब इस दुनिया में मेरा क्या काम , सोचा अब मुझे भी ये दुनिया छोड़ देनी चाहिए , लेकिन तभी मेरी प्रधानाध्यापिका ने मेरा ध्यान हटाते हुए कहा कि में तुम से हमेशा कहती थी प्यार एक सच्ची आराधना होती, तुम्हारा और अंजलि 👧का प्यार भी एक आराधना थी, मेरे समझ में कुछ नहीं आ रहा था , और मेरी आंखो से आंसुओ 😭😭😭की धारा बह रही थी । तब उन्होंने मुझे पास एक कुर्सी पर बिठाते हुए कहा , प्यार कभी मरता नहीं है हो हमेशा अमर रहता है हमारे दिल में , दिमाग में , और रूह में । मुझे विश्वास था के हम मिलेंगे कभी ना कभी , लेकिन उस पल के बाद वो भी खत्म हो चुका था , तब से आज तक वो मेरे हर पल में आज भी जिंदा है । आज भी जब में कहीं भी अंजलि नाम सुनता हूं मेरी heart speed💓 बढ़ जाती है , लगता है वो आज भी मेरे अंग संग है ,किसी ने सच कहा है ,प्यार कभी मरता नहीं ,प्यार तो अमर है ,प्यार भगवान का दूसरा नाम है,ये थी मेरी हमारी अधूरी कहानी ,

Comments

  1. I liked this story very much,after read full story ,I am feel that I am cry.

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  2. Mast story bro, but anjali kb mari

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  3. Sach me sachaa pyaar na kabhi mra h na merega ❤❤❤❤

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  4. Jo poora hota hai....
    Vo khatm ho jata hai
    Aadhure rishte jindgi bhar chalte hai..
    Dnt get sad
    God bless you

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  5. Nice yrrr 🥰😘🥺🥺🥺♥️♥️♥️

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  6. Nice yrrr 🥰🥺♥️🥰😘♥️♥️🥺🥺🥺🥺😘😘🥰🥰

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  7. Bhot Badhiya👍👍👍👍👍👍👍👍

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  8. Heart touching story 🥺🥺
    ##__ fabulous __##😍

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  9. It's very nice story 😊😊after read this story... I am feel that I am cry🥺🥺

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  10. Excellent.....🤓
    It was great to hear the true story.It was a very sad story. It was a very good story.Everything written in this story about love is amazing.

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